मुजफ्फर नगर, नवम्बर 10 -- मोरना। तीर्थनगरी शुकतीर्थ स्थित हनुमत धाम में ब्रह्मलीन स्वामी रामधारी महाराज की पुण्य स्मृति में श्रीमद भागवत कथा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तीसरे दिन श्रीधाम वृंदावन से पधारे विश्व विख्यात कथा व्यास भागवत रत्न आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी महाराज ने कहा कि भागवत शब्द में भ शब्द भवसागर रूपी जीवन में हमें प्रकाश देता है। ग शब्द जीवन में हमें गति प्रदान करता है । व शब्द यह बताता है कि श्रीमद्भागवत सभी पुराणों में वरिष्ठतम है एवं त शब्द यह बताता है कि जो भागवत की शरण में आता है वह संसार से तर जाता है। श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण मात्र से प्राणी इस संसार रूपी भवसागर से तर जाता है और संसार में आवागमन अर्थात जन्म मृत्यु के बंधन से मुक्त हो जाता है। उन्होने कहा कि जिस पुत्र के माता पिता सुखी और प्रसन्न रहते है...
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