गाजीपुर, दिसम्बर 8 -- भांवरकोल। क्षेत्र के लौवाडीह गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन हरिप्रकाश महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि भागवत कथा जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाला पवित्र ग्रंथ है। इसके श्रवण मात्र से जन्म-जन्मांतर के बंधन कट जाते हैं और मन, मस्तिष्क और परिवार में शांति का संचार होता है। उन्होंने कहा कि कथा से तनाव, चिंता और मानसिक अशांति दूर होती है और परिवारों में संस्कार, आपसी प्रेम, सहयोग और समरसता की भावना विकसित होती है। हरिप्रकाश महाराज ने कहा कि भागवत कथा मनुष्य में भक्ति, सत्य, धर्म और कर्तव्यबोध को जागृत करती है। दुंदुभि की कथा का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि दैत्यकुल में उत्पन्न दुन्दुभि अत्यंत पराक्रमी होने के साथ घोर अहंकारी था। शक्ति के मद में चूर होकर उसने देवताओं, दानवों और महान योद्धाओं को...