अयोध्या, जून 17 -- बीकापुर, संवाददाता। विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मरुई सहाय सिंह वंशवनपुर दौनी बाबा सिद्धपीठ पर आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन सोमवार शाम कथावाचक ओंकार नाथ शास्त्री ने बताया कि जब-जब भक्त संकट में होते हैं। पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है। अताताई और अत्याचारी बढ़ते हैं। तब ईश्वर विविध रूपों में अवतार लेकर पृथ्वी को पापियों से मुक्त करके, भक्तों की रक्षा कर पुनःधर्म की स्थापना करते है। कथा प्रवाचक ने बताया कि भागवत कथा सुनने मात्र से ही मनुष्य को जन्म मरण के चक्र से मुक्ति की प्राप्ति हो जाती है। कहा कि भगवान की भक्ति में अधिक से अधिक समय देना चाहिए। कथावाचक ने कहा कि परमात्मा ही परम सत्य है। जब हमारी वृत्ति परमात्मा में लगेगी तो संसार गायब हो जाएगा। प्रश्न यह है कि परमात्मा संसार में घुले-मिले ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.