दुमका, नवम्बर 17 -- सरैयाहाट, प्रतिनिधि। सरैयाहाट -जमुआ गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महायज्ञ में कथा वाचक पंडित रवि रंजन शास्त्री ने दूसरे दिन परायण पाठ किया। साथ ही शाम 6 बजे से भागवत कथा का कार्यक्रम होता है। भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक पंडित रवि शंकर शास्त्री जी ने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने के लिए देवता भी तरसते हैं। उन्होंने कहा कि श्रोत्रा तीन तरह के होते है। एक तो‌ कथा को ध्यानपूर्वक सुनते है और अपने जीवन में उसे उतारने का प्रयास करते है। एक वे श्रोता होते हैं, जो कथा सुनते है। साथ ही वहां की‌ व्यवस्था पर नजर रखते‌ है।‌ घर जाकर कहते हैं कि पंडित जी अच्छे प्रवचन‌ नहीं करते है। बैठने की अच्छी व्यवस्था नहीं थी। प्रसाद भी ढंग से नहीं दिया जाता है। बजाने वाला भी अच्छा नहीं लगा। सिर्फ निंदा ही करते हैं। एक श्रोता वे हो...