शाहजहांपुर, दिसम्बर 13 -- मोहल्ला मदिरा खेल में श्रीबालाजी मानस सेवा समिति के तत्वावधान में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन कथाव्यास आचार्य अंकुर शुक्ल ब्रजराजदास ने विभिन्न प्रसंगों पर प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों से भक्ति भाव से जुड़कर उनकी पूर्ण रक्षा करते हैं। कथा में मां देवकी के पुत्रों की वापसी, सुभद्रा हरण और सुदामा चरित्र का वर्णन किया गया। कथाव्यास ने बताया कि सुदामा और कृष्ण की मित्रता सच्चे संबंधों का आदर्श है। द्वारिका में सुदामा को गले लगाकर कृष्ण ने मित्रता का महत्व बताया। कथा के बाद भागवत आरती कराई गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...