कन्नौज, जनवरी 14 -- तालग्राम, संवाददाता। कुशलपुर्वा गांव स्थित ब्रह्मदेव स्थल पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर बुधवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजन स्थल पर सुबह से ही भक्तों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र के भावपूर्ण प्रसंग के बाद विधि-विधान से हवन-पूजन कराया गया। इसके उपरांत भंडारे का शुभारंभ किया गया। जिसमें श्रद्धालुओं को पंगत में बैठाकर प्रेमपूर्वक भोजन कराया गया। भंडारे में सभी वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। कथावाचक आचार्य विजय शंकर शास्त्री ने कहा कि भंडारा सेवा और समर्पण का प्रतीक है। अन्नदान से बड़ा कोई दान नहीं होता और इससे समाज में आपसी सद्भाव व प्रेम की भावन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.