आरा, नवम्बर 26 -- आरा। निज प्रतिनिधि शहर के महावीर स्थान रमना मैदान में राष्ट्रीय महिला परिषद माचा स्वामी महिला सेवा समिति की ओर से आयोजित श्री सीताराम विवाह महोत्सव के चौथे दिन रामचरित्र मानस पाठकर्ता शशिभूषण जी महाराज ने पाठ क़े माध्यम से भगवान श्रीराम की महिमा का बखान किया। कहा कि जब निषाद राज ने प्रभु श्रीराम को घास-पत्ते पर सोया देखा तो उनके अंदर विशाद उत्पन्न हुआ। दोपहर में श्रीधाम वृन्दावन से पधारे श्रीमद्भागवत कथा व्यास श्री प्रेममूर्ति प्रदीप जी महाराज ने कथा में कहा कि प्रभु के अवतार का कारण एक नहीं अनेक होते हैं। यदि दैत्यों को मरना होता तो दैत्य उत्पन्न नहीं करते। प्रभु अपने भक्तों को सुख अनुभव कराने, उनके दुख को हरने, उन्हें अपना दर्शन उन्हें प्रदान करने को अवतरित होते हैं। उन्होंने कहा कि भागवत कथा साक्षात् प्रभु के रहने का व...