बलिया, दिसम्बर 7 -- पूर, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के पिपरापट्टी बहोरापुर गांव में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं पंचकुंडीय रुद्रमहायज्ञ में शनिवार की शाम मानस मंदाकिनी रागिनी सरस्वती (डॉ. रागिनी मिश्रा) ने ने कहा कि अमृत पान करने से भी अधिक पुण्य भागवत कथा श्रवण का है। अमृत शरीर को अमरत्व देता है, जबकि भागवत कथा आत्मा को शुद्ध कर अमर बनाने का कार्य करती है। उन्होंने अमृत कलश प्रसंग में बताया कि भागवत कथा केवल श्रवण का माध्यम नहीं, बल्कि यह मानव जीवन को धर्म, सत्य और करुणा के मार्ग पर अग्रसर करने का संदेश देती है। उधर, काशी से आए आशीष तिवारी, प्रेम पाण्डेय, विद्यानंद शुक्ला, संदीप दूबे, अश्विनी, सूर्यप्रकाश और विशाल ओझा आदि विद्वान आचार्योँ के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सुबह पंचांग पूजन सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान यज्ञाधीश रितेश मिश्...