भागलपुर, सितम्बर 25 -- बिहार की वीआईपी विधानसभा सीटों में भागलपुर भी शमिल है। इस सीट को भाजपा का गढ़ माना जाता है। लेकिन पिछले तीन चुनावों से भाजपा इस सीट पर हार रही है। तीनों चुनाव में पार्टी ने नया प्रत्याशी दिया। इसके बावजूद पार्टी अपने गढ़ को नहीं बचा सकी है। भाजपा आलाकमान की नजर भी इस सीट पर लगी हुई है। कांग्रेस के लिए भी यह सीट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भले ही कांग्रेस लगातार तीन चुनाव से जीत रही है, लेकिन जीत का अंतर लगातार कम होने से पार्टी चिंतित है। दोनों पार्टियों के लिए यह प्रतिष्ठा की सीट बन गई है। सीट को लेकर चिंता दोनों तरफ है। भाजपा को गढ़ तो कांग्रेस को अपनी साख बचाने की चुनौती है। गठबंधन में किस पार्टी के कोटे में यह सीट जाएगी। अभी यह तय नहीं हुआ है। लेकिन इस बार भागलपुर विधानसभा सीट पर कांटे की टक्कर होने की संभावना है...
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