भभुआ, अक्टूबर 9 -- (चाय चौपाल) भभुआ। भागदौड़ भरी जिंदगी में सियासत में सादगी जैसे कहीं पीछे छूट गई है। राजनीति की पगडंडियों पर लग्जरी कार फर्राटा भर रही हैं। लेकिन, ऐसे उदाहरण भी हैं, जिन्होंने सियासत के शिखर को छूकर भी सादगी को नहीं छोड़ी। कैमूर के विधायक रहे गुप्तेश्वर पांडेय, विधायक गुप्तनाथ सिंह, श्यामनारायण पांडेय, दशरथ तिवारी, सच्चिदानंद सिंह आदि इसके उदाहरण हैं। आमजनों से शिष्टाचार से बात करना, उनकी बातें सुनना, लोगों के बीच समय देना, जहां जिस हाल में हैं, वहीं से आमजनों का काम कराने के लिए निकल जाना लोगों को पसंद था। लेकिन, अब कोई-कोई ऐसे विधायक बन रहे हैं, जो सादगी जीवन जी रहे हैं। यह बातें गुरुवार को आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान की चाय चौपाल में वृद्धजनों ने कही। किसने क्या कहा 1. अब जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों के पांव बड़ी ग...