हरिद्वार, दिसम्बर 8 -- चंडी देवी मंदिर प्रकरण में रोज नया मोड़ आ रहा है। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज होने के बाद महंत रोहित गिरि ने आरोप लगाया कि भवानी नंदन गिरि न तो चंडी देवी मंदिर के महंत हैं और न ही मुख्य ट्रस्टी। उन्होंने कहा कि महंत की नियुक्ति पिता की मृत्यु के बाद दशनाम गोस्वामी समाज और संत समाज की मौजूदगी में विधि-विधान से होती है। लेकिन, उनके जीवित रहते दूसरे को महंत घोषित नहीं किया जा सकता। सोमवार को प्रेसवार्ता में रोहित गिरि ने आरोप लगाया कि उनके बेटे भवानी और पूर्व पत्नी गीतांजलि दोनों, लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर 'महंत भवानी नंदन गिरि' नाम से पेज बनाकर प्रचार किया जा रहा है। भवानी ने नियमों के विरुद्ध जाकर खुद को महंत घोषित किया है, जिसके लिए कोर्ट से कानूनी नोटिस भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपनी चल...