भागलपुर, फरवरी 21 -- अकबरनगर संवाददाता थाना क्षेत्र के भवनाथपुर स्थित बाबा दुखहरण नाथ मंदिर प्रांगण में मानस सत्संग समिति के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय रामकथा का शुक्रवार को समापन हो गया। अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यक्रम का संचालन कौशल दुबे ने किया। अवधधाम से पधारे प्रवचनकर्ता प्रभाकर मिश्रा ने "मनुष्य ने क्या खोया और क्या पाया" विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य यदि भगवान तक पहुंचना चाहता है तो भाव ही उसका सेतु है। भगवान भाव से पार हो सकते हैं, लेकिन भक्त के भाव से बंध जाते हैं। भक्त की सच्ची निष्ठा और समर्पण से परमात्मा भी प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में केवल चरणों की नहीं, बल्कि आचरण की पूजा होती है। संगठन ही राष्ट्र की शक्ति है और जब-जब धार्मिक समाज में पतन आया है, उसका मुख्य कार...