बदायूं, जनवरी 21 -- बिल्सी। गांव पिंडौल में आयोजित रामकथा में कथाव्यास पं. गौरव देव शर्मा ने भरत मिलाप की कथा को अत्यंत रोचक और भावपूर्ण ढंग से सुनाया। रामचरितमानस के अयोध्या कांड में वर्णित भरत-राम मिलन के प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। बताया कि श्रीराम के वनवास का समाचार पाकर भरत, उन्हें वापस अयोध्या लाने के लिए सेना सहित चित्रकूट पहुंचे। मार्ग में निषादराज गुह से भेंट हुई, जिन्होंने भरत को श्रीराम के दर्शन कराए। लक्ष्मण ने पहले भरत की मंशा पर संदेह जताया, लेकिन श्रीराम ने उन्हें भरत के निष्कलंक प्रेम और कर्तव्यभाव से अवगत कराया। चित्रकूट में राम-भरत मिलन का दृश्य अत्यंत भावुक रहा। भरत के आग्रह के बावजूद श्रीराम ने पिता के वचन का पालन करते हुए वनवास पूरा करने का संकल्प दोहराया। अंततः भरत, श्रीराम की चरण पादुकाएं लेकर अयोध्या लौटे और उ...