कुशीनगर, नवम्बर 10 -- कुशीनगर। तुर्कपट्टी क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोरया में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथाव्यास आचार्य डॉ. श्रीप्रकाश पांडेय ने श्रद्धालुओं को ईश्वर की अद्भुत लीलाओं का वर्णन कर अभिभूत कर दिया। उन्होंने भरतवंश का वर्णन करते हुए बताया कि कैसे भक्ति और वैराग्य के बल पर मानव को मोक्ष की प्राप्ति संभव है। आचार्य डॉ. पांडेय ने अजामिल चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान नाम का स्मरण ही मानव जीवन का सबसे बड़ा आधार है। आजीवन पापों में लिप्त रहने वाला अजामिल जब अपने पुत्र को पुकारते हुए नारायण नाम लिया तो स्वयं भगवान के दूत उसके प्राणों की रक्षा के लिए पहुंच गए। इससे सिद्ध होता है कि सिर्फ भगवान का नाम ही अपने आप में कितना कल्याणकारी है। नारायण कवच के उपदेश में आचार्य ने श्रद्धालुओं को बताया कि यह कवच केवल शारीरिक सुरक्ष...