बांदा, दिसम्बर 10 -- बांदा। संवाददाता ग्राम पंचायत सचिवों ने गांधीवादी तरीका अपनाया है। संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि साइकिल जैसी धीमी रफ्तार से गांवों के विकास कार्य होंगे। ग्राम पंचायत सचिवों ने भत्ता बढ़ाने की मांग और आंदोलन के तीसरे चरण में अपने निजी साधन छोड़ साइकिल से अपने क्षेत्रों में भ्रमण करने का फैसला लिया है। बुधवार को सचिव साइकिल से ब्लाक कार्यालय पहुंचे। साइकिल से ही अपने-अपने दूर दराज के गांवों की ओर चले गए। आंदोलन की अगुआई कर रहे ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष रमेशचंद्र कुशवाहा ने बताया कि उन्हें सरकार प्रतिमाह 100 रुपये साइकिल भत्ता देती है। कहा कि ब्लाक मुख्यालय से 30 से 40 किलोमीटर तक की दूरी पर स्थित गांवों में उनकी तैनाती है। एक सचिव के पास कई गांव भी है। ऐसी स्थिति में दशकों पुरानी और अप्रासंगिक ह...