मेरठ, नवम्बर 26 -- मेरठ। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित सत्यनारायण कथा में कथा श्रवण कराते हुए राजयोगिनी उर्मिला दीदी ने कहा कि आप भगवान से कोई भी रिश्ता मान लीजिए, भगवान इस रिश्ते को न सिर्फ मानेगा बल्कि उसे निभाएगा भी। माउंट आबू से आईं राज योगिना उर्मिला दीदी ने कहा कि उत्तानपाद की दो रानियां थीं। छोटी रानी सुरुचि का पुत्र राजा की गोद में था। बड़ी रानी के पुत्र ध्रुव ने भी पिता की गोद में चढ़ने का प्रयत्न किया, इस पर छोटी रानी ने उसे झिड़क दिया। इस अपमान की बात ध्रुव ने अपनी मां सुनीति को बतायी। इस पर उसकी मां ने उसे पिता की बजाय परम पिता की गोद में बैठने को प्रेरित किया। ध्रुव पर मां की शिक्षा का ऐसा प्रभाव पड़ा कि वह वन में जाकर प्रभु प्राप्ति के प्रयत्न में जुट गया। उसने पूरे मन से भगवान से पिता...