धनबाद, नवम्बर 1 -- कतरास, प्रतिनिधि। भगवान श्रीराम के गुणगान से हनुमान प्रसन्न होते हैं और हनुमान की स्तुति से श्रीराम। अर्थात हनुमान चालीसा का पाठ करने से श्रीराम, वीर हनुमान और गोस्वामी तुलसीदास जी प्रसन्न होते हैं। इसलिए गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है, जो यह पढ़े हनुमान चालीसा, होई सिद्ध साकी गौरीशा। उक्त बातें श्री गंगा गोशाला कतरास-करकेन्द में आयोजित 11 दिवसीय गोपाष्टमी महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को हनुमान चालीसा पाठ के दौरान बालाजी धाम वर्णपुर के पीठाधीश्वर संतोष भाईजी ने कही। संतोष भाईजी ने कहा कि जो भक्त एक से अधिक बार या सैकड़ों बार हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, वे सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर प्रभु के चरणों की अनुभूति प्राप्त करते हैं। अंत में महाआरती की गई और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। इधर, गोशाला परिसर में...
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