मुजफ्फरपुर, जनवरी 30 -- बंदरा, एक संवाददाता। प्रखंड के घोसरामा में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया गया। इसकी झांकी ने भक्तों को आनंदित किया। इससे पूर्व आचार्यों ने यजमान नवीन कुमार, अरुण ठाकुर, मनीष तिवारी, आनंद मोहन, अरुणा कुमारी एवं शंकर ठाकुर के द्वारा व्यास पूजन करवाया। कथा में अंचलाधिकारी अंकुर राय ने भी व्यासपीठ से आशीर्वाद लिया। कथा वाचिका निकुंज मंजरी चंचला दीदी ने कहा कि जो भक्त ईश्वर प्रेम में आनंदित होते हैं और श्रीकृष्ण-रुक्मिणी के विवाह में शामिल होते हैं, उनकी समस्याएं दूर हो जाती हैं। महारास में भगवान श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वान किया था। महारास लीला के द्वारा ही जीवात्मा और परमात्मा का मिलन हुआ। उन्होंने श्रीकृष्ण का मथुरा गमन...