जामताड़ा, फरवरी 25 -- करमाटांड़, प्रतिनिधि। प्रखंड क्षेत्रन्तर्गत कठबरारी गांव में श्रीमदभागवत ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन सोमवार को कथावाचक पंडित संजय शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग को सुनाया। उन्होने बताया कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तब भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। जहां सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई, तो उन्हें अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। वही भगवान श्री कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और भगवान श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए। भगवान श्रीकृष्ण गोकुल में नित्य ही माखन चोरी लीला करते हैं। मां यशोदा के बार-बार समझाने पर भी श्रीकृष्ण नहीं मानते हैं, तो मां यशोदा ने भगवान को रस्सी से बांधना चाहा पर भगवान को कौन बांध सकता है, लेकिन भगवान मां की दयनीय दशा को देखते हुए स्वयं बंध जाते है...
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