हापुड़, नवम्बर 23 -- शहर के गढ़ रोड स्थित श्रीराम मंदिर के पीछे चल रही श्रीमद्भागवत कथा में छठे दिन मन्माध्व-गौड़ेश्वर वैष्णवाचार्य पुंडरीक गोस्वामी महाराज ने रासलीला और गोपी-गीत के दिव्य प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवात्मा की परमगति का मार्गदर्शन करती हैं। कथा में गोपियों की भक्ति, भगवान के प्रति उनके उत्सर्ग और विरह के भाव को अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया। रासलीला की मधुरता और गोपी गीत के श्लोकों के माध्यम से यह विचार रखा गया कि जिस प्रकार गोपियां भगवान में सर्वस्व अर्पित कर आनंद और शांति प्राप्त करती हैं, उसी प्रकार प्रत्येक साधक को भी अपने में भक्ति का विसर्जन करना चाहिए। महाभारत के युद्ध, भक्तों के आंतरिक संघर्ष और भगवान के करुणामय रूप के प्रसंगों को भ...