प्रयागराज, अगस्त 9 -- प्रयागराज। सावन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर शनिवार को श्रावणी पर्व श्रद्धा, उल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर अलोपीबाग स्थित स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के आश्रम में विधिविधान से पूजन-अर्चन किया गया। आश्रम में स्थित मंदिर में महादेव का अभिषेक, पूजन और आरती की गयी। स्वामी वासुदेवानंद ने कहा कि भगवान शंकर त्याग, तपस्या और साधना के मूलस्रोत हैं। वे स्वयं में आदि गुरु हैं। भगवान शंकर साधना की समस्त विधाओं के जनक हैं। साकार ब्रह्म का भी सम्यक ज्ञान भगवान शंकर से ही प्राप्त होता है। श्रावणी पूर्णिमा का पर्व भारतमाता की सुरक्षा का पर्व है। दंडी स्वामी विनोदानंद सरस्वती, दंडी स्वामी आचार्य विपिन, पं. शिवार्चन उपाध्याय शास्त्री, आचार्य मनीष त्रिपाठी, आचार्य अभिषेक मिश्र, पं. ओम नारायण तिवारी मौजूद रहे।
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