मुरादाबाद, दिसम्बर 5 -- कुमार कार्तिकेय सभागार में श्री दैवीय संपद सत्संग मंडल की ओर से श़क्रवार को आयोजित सात दिवसीय श्री रामकथा के चौथे दिन कथा व्यास पंडित बृजेश पाठक ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण सरल है पर भगवान राम तो अधिक सरल है ,क्योंकि अनुकूल व्यक्तियों के साथ सरलता का व्यवहार करना बहुत सुगम है पर प्रतिकूल व्यक्तियों के साथ सरलता का व्यवहार करना बहुत कठिन होता है। श्री राम की विशेषता है वह अपने विरोधियों के साथ भी सरलता का व्यवहार करते हैं। रावण तो श्री राम की ओर देखता रह गया ,उसे लगा जो लोग श्री राम की सरलता का वर्णन करते हैं वह बहुत कम है ,यह तो अतिसरल है ! श्री राम बहुत सरल हैं इसलिए सरल व्यक्ति को स्वीकार करते हैं जो व्यक्ति भगवान राम को पाना चाहता है उसे छल कपट छोड़कर अपने जीवन में सरलता को लाना होगा, जो व्यक्ति संसार में प्रवेश ...