नई दिल्ली, फरवरी 24 -- भगवान श्रीराम और भारतीय नदियों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर इन दिनों एक व्यापक शोध अभियान जारी है। भारतीय दार्शनिक, लेखक एवं आध्यात्मिक शोधकर्ता देवऋषि के नेतृत्व में सनातन विज्डम द्वारा संचालित यह अध्ययन 'सदानीरा' परियोजना के अंतर्गत 'श्री राम विशेषांक' के रूप में किया जा रहा है। परियोजना का संचालन मध्यप्रदेश सरकार के वीर भारत न्यास के अंतर्गत हो रहा है और इसके प्रारंभिक निष्कर्ष रामनवमी से पूर्व सार्वजनिक किए जाने की तैयारी है। इस शोध अभियान की शुरुआत माघ मेले के दौरान प्रयागराज से हुई, जहाँ गंगा-यमुना संगम क्षेत्र में महर्षि भारद्वाज से श्रीराम की भेंट के प्रसंग के माध्यम से नदी-तटीय आश्रम परंपरा, ज्ञान-संवाद और तपोभूमि की सामाजिक भूमिका का अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद शोध-दल श्रृंगवेरपुर पहुँचा, जहाँ ...