भागलपुर, दिसम्बर 5 -- बरहट। निज संवाददाता। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहट आज अपने हाल पर बेदम है। यहां मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का सरकार का दावा कागज तक ही सिमट कर रह गया है। अगर कहा जाए कि इन दिनों अस्पताल खुद अपना ईलाज के लिए तरस रहा है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं। प्रखंड की आबादी पुरुष एवं महिला मिलाकर एक लाख से पार हो चुकी है। बावजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहट में समुचित इलाज की जिम्मेवारी एक मात्र डॉक्टर प्रभारी के कंधे पर है। हालांकि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मलयपुर में एक महिला एमबीबीएस चिकित्सक की नियुक्ति की गई है। फ्रैक्चर केस के मरीजों का नहीं होता है इलाज - प्रखंड़ की आबादी एक लाख से उपर होने के कारण आए दिन सड़क दुघर्टना की घटना आम बात है। खासकर मोटरसाइकिल दुर्घटना के मामले में चालक का हाथ पैर टूटना, फ्रैक्च...