गोंडा, नवम्बर 28 -- मेहनौन, संवाददाता। इटियाथोक के करुवापारा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अन्तिम दिन कथाव्यास आचार्य रामानन्द दास ने कहा भगवान नाम का संकीर्तन करने से सारे पापों का नाश हो जाता है। उन्होंने सुदामा चरित्र का वर्णन कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। आचार्य रामानन्द दास ने कहा उन्होंने मित्रता कैसे निभाई जाए यह भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के चरित्र से समझ सकते हैं। कहा कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र से मिलने के लिए द्वारिका पहुंचे। सुदामा ने पता पूछकर द्वारिकाधीश के महल की ओर बढ़ने लगे, द्वारपालों ने उन्हें भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया तब उन्होंने कहा कि वह कृष्ण के मित्र हैं। इस पर द्वारपाल महल में गए और प्रभु से कहा कि कोई उनसे मिलने आया है अपना नाम सुदामा बता रहा है। द्वारपाल के मुंह से सुदामा का न...