कानपुर, फरवरी 9 -- कानपुर देहात, संवाददाता।भगवान के अनन्य भक्त व कर्मयोगी होने पर भी गुरू व मित्र से किए गए छल का दंड मानव को हर हालत में भुगतना पड़ता है। निष्काम कर्मयोगी होने के बाद भी भगवान के अन्नय भक्त को भी इस दंड से मुक्ति नहीं मिल सकी। हालांकि उन्होंने अपनी भक्ति से भगवान श्रीकृष्ण का सानिध्य व कृपा प्राप्त की। सोमवार को गौरियापुर आश्रम में चल रही भागवत कथा में सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए आचार्य ने यह उद्गार व्यक्त किए। इस मौके पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्री हरिहरात्मक महायज्ञ में पूर्णाहुति संपन्न कराई गई। श्री राम जानकी आश्रम गौरियापुर में चल रहे पंचकुंडीय श्री हरिहारात्मक महायज्ञ में बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के बाद यहां चल रही श्रीमद् भागवत कथा का रसपान किया। इस मौके पर आचार्य राजेश मिश्र...
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