पीलीभीत, जून 6 -- नगर में हनुमान गढ़ी मन्दिर में श्री सुंदरकांड पाठ समूह की ओर आयोजित पावन श्रीरामकथा के पांचवें दिन कथावाचक पं. अम्बरीश तिवारी ने भगवान राम की बाल लीला, अहिल्या उद्धार की कथा सुनाई। कथाव्यास ने कहा कोई चाहे कितना भी विद्वान क्यों न हो जब तक भगवान की कृपा नहीं होगी उसको विकारों से मुक्ति नहीं मिलेगी। भगवान राम की बाल लीला कथा सुनाते हुए कहा, राजा दशरथ अपने गुरुजी से चार बेटों का नामकरण संस्कार करने का आग्रह करते हैं। तब चारो भाइयों का नामकरण संस्कार होने के बाद धूमधाम से कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। बच्चों ने अपने गुरूजी माता-पिता का आशीर्वाद लिया। साथ ही भगवान राम ने बचपन में ही ताड़का का वध कर दिया था। बाद में अहिल्या का उद्धार किया। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। व्यवस्था में राजेश मिश्रा, सचिन मिश्रा, रजनीश मिश...
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