मेरठ, फरवरी 12 -- हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत मंदिर में विश्व की सुख, शांति व समृद्धि के लिए हो रहे भक्तामर विधान के चतुर्थ दिवस पर भगवान का अभिषेक व शांतिधारा की गई। बुधवार को 81 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया। सर्वप्रथम स्वर्ण कलश से भगवान का अभिषेक मनोज जैन व शांतिधारा पारस जैन, राजकुमार जैन ने की। दीप प्रज्जवलन चंचल जैन, सोनिया जैन ने किया। ब्रह्मचारिणी सुनीता ने शांतिधारा के मंत्रों का उच्चारण किया। आचार्य भाव भूषण महाराज ने कहा कि मनुष्य के कर्म ही मनुष्य की किस्मत का फैसला करती है। मनुष्य के पाप और पुण्य बराबर चलते है। मनुष्य का जीवन अच्छे कर्मों के आधार पर मिलता है। शास्त्रों ने पुराने महापुरुषों को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। महापुरुषों का इस दुनिया में बड़ा त्याग है। मनुष्य का लक्ष्य केंद्रित होना चाहिए। उसी लक्ष्य को केंद्र...
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