भागलपुर, दिसम्बर 28 -- भगवान का सच्चा भक्त वही है जो भगवान को चाहता है, लेकिन भगवान से संसार की किसी वस्तु की कामना नहीं करता। यहां तक कि वह मुक्ति को भी ठुकरा देता है। परमात्मा की दया सभी पर होती है। भगवान के लिए भक्त की आयु सीमा कोई मायने नहीं रखता। उक्त बाते अजगैवीनाथ धाम स्थित नई दुर्गा स्थान प्रांगण में संत पथिक सेवा समिति द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन कथा व्यास स्वामी सुबोधानंद जी महाराज ने कही। उन्होंने भक्त प्रहलाद की कथा सुनाई। इस दौरान वामन भगवान की सुंदर आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गई। झांकी का दर्शन कर तथा भजनों को सुनकर भक्त आनंद विभोर हो गए।
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