सुपौल, फरवरी 20 -- छातापुर, एक प्रतिनिधि। संतमत योगाश्रम के पास आयोजित सात दिवसीय सत्संग के चौथे दिन मंगलवार को भगवान श्री कृष्ण के जन्म की कथा सुनाई गई। स्वामी गुरूनंदन जी महाराज ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने जब जन्म लिया तो उन्होंने अपनी कथा खुद से सुनाई। कारागार में जन्मे श्री कृष्ण ने माता देवकी व पिता वासुदेव को नंद बाबा के घर उन्हें पहुंचाने का रास्ता सुझाया। नंद बाबा के घर उन्हें छोड़कर यशोदा मैया से जन्मी कन्या को कारागार में ले आने को कहा। कारागार में रोने की आवाज सुनकर कंश को आठवें पुत्र के जन्म लेने का आभास हुआ।फिर कंश जैसे ही वध करने कारागार पहंुचा तो देखा कि यह तो कन्या है। भयभीत कंश ने कन्या के दोनों पैर पकड़े और जैसे उसे पत्थर पर पटकने की कोशिश की तो कन्या उसके हाथ से छूटकर गगन गामिनी हो गई। फिर आकाशवाणी हुई कि कंश तुम्हारा व...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.