एटा, मई 12 -- जाजल ऋषि तपोभूमि जाजलपुर में नरसिंह जयंती पर श्रीराम कथा आयोजन चल रहा है। नवें दिन कथावाचक ने बाली वध, सुग्रीव राज्याभिषेक, राम-रावण युद्ध, भगवान के राज्याभिषेक की कथा सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। कथा व्यास ने बताया कि रामायण हमें आदर्श, सेवा भाव, त्याग व बलिदान के साथ दूसरों की संपत्ति पर हमारा कोई अधिकार नहीं है की सीख देती है। भगवान श्रीराम ने दीन-दुखियों, वनवासियों के कष्ट दूर करते हुए उन्हें संगठित करने का कार्य किया। कथा वाचक ने भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का वर्णन करते ही कथा पंडाल राजा रामचंद्र की जय के जयकारों से गूंज उठा। मौके पर कंपिल रामेश्वरम मंदिर महंत आनंद गिरि महाराज, आचार्य धनेश अवस्थी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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