देवघर, दिसम्बर 14 -- देवघर, प्रतिनिधि। विलियम टाउन स्थित बीएड कॉलेज मैदान में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आयोजित श्रीरामचरित मानस एवं गीता ज्ञान यज्ञ कार्यक्रम के तीसरे दिन रविवार को गुरुदेव आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी प्रीति भारती ने प्रवचन देते हुए कहा कि आज हर इंसान सुख शांति को प्राप्त करने के लिए अनेकों प्रकार के कर्म करता है। पूजा पाठ, व्रत उपवास, हवन यज्ञ इत्यादि अन्य है, परंतु प्रश्न है किस कर्म को करने से आवागमन के चक्र से मुक्ति मिल सकती है। उन्होंने महापुरुषों ने तीन प्रकार के कर्म का वर्णन किया किया, जिसमें संचित कर्म, प्रारब्ध कर्म और क्रियावान कर्म शामिल है। कहा कि यह सभी कर्म हमें बंधन में बांधते हैं, मात्र भक्ति रूपी कर्म ही ऐसा कर्म है जो हमें बंधन से आजाद करता है। साध्वी ने कहा की गीता में भगवान श्री कृष्णा भी...