मैनपुरी, फरवरी 13 -- मैनपुरी। शहर के करहल रोड स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पर स्व. सुरुचि जैन की स्मृति में प्रमोद जैन, प्रियांश, दिव्यांश, श्रेयांश जैन परिवार के सौजन्य से भक्तांबर दीप अर्चना का आयोजन किया गया। भगवान आदिनाथ की वेदी पर भक्तिमय आरती हुई। माड़ने पर दीप प्रज्जवलित कर भक्तांबर स्तोत्र के 48 काव्यों पर आराधना कर मंत्रोच्चारण कर 48 दीप अर्पित किए। संगीतमय भजनों ने लोगों को नृत्य करने पर मजबूर कर दिया। विधानाचार्य पंडित कमल कुमार जैन व डा. सौरभ जैन ने आचार्य मानतुंग द्वारा रचित 48 काव्यों में 18वें श्लोक का सार समझाया। बताया कि जो मनुष्य इस काव्य को शुद्धता के साथ पूरी आस्था से 27 बार जाप करें तो उन्हें अधिक लाभ मिलता है। इसे नियमित रूप से सुबह-शाम बढ़ने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है व मानसिक शांति, अवसाद और चिंता दूर होती...