नई दिल्ली, दिसम्बर 1 -- ब्रह्मोस एयरोस्पेस के वरिष्ठ वैज्ञानिक निशांत अग्रवाल को उच्च न्यायालय ने सभी गंभीर आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया है। नागपुर की निचली अदालत ने उन्हें राजकीय गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए 14 साल की सजा सुनाई थी, लेकिन उच्च न्यायालय ने जासूसी, देशद्रोह और संवेदनशील जानकारी लीक करने जैसे सभी प्रमुख आरोपों को खारिज कर दिया। एकमात्र दोषसिद्धि जो बरकरार रही, वह केवल सरकारी गोपनीय दस्तावेजों को निजी डिवाइस पर रखने (OS Act की धारा 3(1)(c) का मामूली उल्लंघन) की थी, जिसके लिए उन्हें तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई। चूंकि निशांत अग्रवाल ने 2018 से अब तक जेल में तीन साल से अधिक समय गुजार लिया है, इसलिए वे इस सजा को भी पूरी तरह भुगत चुके हैं और त...