नई दिल्ली, दिसम्बर 3 -- नई दिल्ली, मदन जैड़ा। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से मेक इन इंडिया और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की पहल को नई दिशा मिल सकती है। दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में संयुक्त उपक्रम लगाने पर सहमति बन सकती है। ब्रह्मोस की तर्ज पर रूस के साथ जेट इंजन और सुखोई का भी संयुक्त उत्पादन संभव है। उच्च पदस्थ सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सूत्रों ने कहा कि कम से कम तीन क्षेत्रों में संयुक्त उपक्रम स्थापित करने पर सहमति बनने के आसार हैं। इनमें दो उपक्रम रक्षा क्षेत्र में तथा एक उपक्रम परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में लगाने पर सहमति बन सकती है। ये उपक्रम ब्रह्मोस मिसाइल उत्पादन की तर्ज पर होगा जो बेहद सफल रहा है। इसमें दोनों देश मिलकर भारत में उत्पादन करेंगे। इसमें तकनीक का सीधे भारत को हस्त...