बस्ती, नवम्बर 13 -- बस्ती, निज संवाददाता। महादेवा गांव के शिवमंदिर प्रांगण में चल रहे रूद्र महायज्ञ में ओम शब्द की व्याख्या करते हुए कथा व्यास आनंद भूषण ने कहा की ओम शब्द ही ब्रह्म है। यह एक धार्मिक और दार्शनिक सिद्धांत है। यह बताता है कि ओम शब्द एक ध्वनि नहीं बल्कि सम्पूर्ण ब्रह्मांड और परं ब्रह्म का सार है। यह शब्द सृष्टि की उत्पत्ति से जुड़ा है। सभी नमो, रूपो, गुणों और कारणों से परे निराकार ईश्वर को व्यक्त करने का सबसे शक्तिशाली माध्यम है। ओम निराकार ईश्वर या परम सत्य को एक शब्द में व्यक्त करता है। यजुर्वेद और उपनिषद जैसे कई धार्मिक ग्रंथों में ओम को ब्रह्म का सूचक और अभिन्न अंग बताया गया है। ओम शब्द का उच्चारण और ध्यान करना ब्रह्म को प्राप्त करने का एक प्रभावी साधन है। इसे सृष्टि की आदि ध्वनि माना जाता है। यह परमेश्वर के अस्तित्व को द...