मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 31 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। ब्रह्ममुहूर्त में स्नान का फल गोदान के बराबर होता है। ये बातें बुधवार को गोला रोड स्थित बाबा कमलेश्वर नाथ शिव मंदिर में व्यास पीठ से बाल संत पीयूष गिरि ने कही। पौष पुत्रदा एकादशी के अवसर पर भागवत कथा में उन्होंने पुत्रदा एकादशी के महत्व का विस्तार से वर्णन किया। कथा में तृतीय स्कंद से कर्दम मुनि, देवहूति और कपिल मुनि की कथा भी सुनाई। कथा प्रसंग में ब्रह्मा जी की आज्ञा से कर्दम मुनि ने अपनी तेरह कन्याओं का विवाह मरीचि अत्रि आदि ऋषियों से कराया। इसका भी वर्णन किया। उन्होंने मकर संक्रांति का पर्व सनातन धर्म में कितना महत्व रखता है, इस पर विस्तार से बताया। मौके पर केशव मुरारका, स्मृति, मयूर टिकमानी, प्रिया कुमारी, मीनू देवी, नयनतारा कुमारी, मनोज कुमार, संतोष प्रसाद, अमित सिंह, रेनू ...