प्रयागराज, दिसम्बर 3 -- उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) के राष्ट्रीय शिल्प मेले के तीसरे दिन मुक्ताकाशी मंच पर लोक कलाकारों ने ऐसी प्रस्तुति दी कि दर्शन आनंदित हो उठे। मथुरा से आईं महिलाओं ने सिर पर वजनी शिला रखकर 108 जलते दीपों के साथ चरकुला नृत्य की प्रस्तुति से समा बांधा तो ब्रज की संस्कृति से ओतप्रोत यह प्रस्तुति देख पंडाल दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। राजस्थान की गंगा देवी व साथी कलाकारों ने 'पधारो म्हारे देश' और 'केसरिया बालम' जैसे लोकप्रिय गीतों पर तेराताली और भवई नृत्य कर हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों की लय, ताल व लोक परंपरा की झलक ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। गजल गायक भूपेंद्र शुक्ल ने 'आपके दिल में क्या है बता दीजिए', 'गुमसुम यह जहां है' व 'मैं कैसे कहूं जानेमन' जैसे गीतों पर श्रोता...
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