नई दिल्ली, जुलाई 23 -- नई दिल्ली, मदन जैड़ा। भारत और ब्रिटेन के संबंध हालांकि ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ब्रिटेन दौरान कई मायने में महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय करोबार में कई गुना इजाफा होगा। वहीं इस दौरान भारत की तरफ से ब्रिटेन में होने वाली सिख अलगाववादी घटनाओं को रोकने और आर्थिक भगोड़ों विजय माल्या, नीरव मोदी और ललित मोदी की वापसी के मुद्दे को भी जोरदार तरीके से उठाए जाने की संभावना है। वैश्विक कूटनीति लिहाज से समझौता अहम यूरोप की एक बड़ी आर्थिक शक्ति ब्रिटेन के साथ व्यापार समझौता ऐसे वक्त में हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत समेत दुनिया के तमाम देशों पर टैरिफ थोप रहे हैं। ऐसे में वैश्विक कूटनीति के लिहाज से भारत के लिए यह समझौ...
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