नई दिल्ली, मार्च 25 -- - सांसदों के वेतन बढ़ाए जाने पर सरकार ने जारी किया स्पष्टीकरण - राज्य सरकारें अपने हिसाब से बढ़ाती रही हैं विधायकों व मंत्रियों के वेतन नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। संसद सदस्यों और पूर्व सांसदों के वेतन, भत्ते और पेंशन में 24 फीसदी की वृद्धि की घोषणा से जनता के बीच कई तरह की गलतफहमियां पैदा हो गई हैं। इस पर सरकार ने साफ किया कि सांसदों की वेतन वृद्धि को मुद्रास्फीति से जोड़ा गया है। वित्त अधिनियम 2018 के जरिए संसद सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन अधिनियम, 1954 में संशोधन किया गया था ताकि सांसदों के वेतन को मुद्रास्फीति से जोड़ा जा सके। विशेष रूप से आयकर अधिनियम 1961 के तहत प्रकाशित लागत मुद्रास्फीति सूचकांक (सीआईआई) को ध्यान में रखा कर फैसला किया गया है। दरअसल, 2016 में प्रधानमंत्री मोदी ने साफ किया था कि सांसदों को अ...
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