नई दिल्ली, जनवरी 23 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता ऑपरेशन सिंदूर के बाद सरकार ने सेनाओं के आधुनिकीकरण और पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसकी झलक एक फरवरी के पेश होने वाले बजट में भी देखने को मिल सकती है। सरकारी सूत्रों की मानें तो इस बार रक्षा बजट 7.5 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर जाएगा। रक्षा बजट में मुख्य फोकस सेनाओं के आधुनिकीकरण एवं एकीकरण पर रहेगा जिसमें ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी तकनीक के इस्तेमाल पर जोर होगा। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो इस बार रक्षा के मद में 7.45-7.5 लाख करोड़ के करीब आवंटन रहने की संभावना है। मौजूदा रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ के करीब है। यानी इस बजट में करीब 25-30 हजार करोड़ की बढ़ोत्तरी होगी। प्रतिशत में यह बढ़ोत्तरी हालांकि 10 फीसदी के करीब रहेगी लेकिन रक्षा क्षेत्र को लेकर सरकार की नीति पहले से स्पष्...