देवरिया, जनवरी 12 -- सलेमपुर(देवरिया), हिन्दुस्तान टीम। आम की बेहतर पैदावार के लिए बौर आने का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। फरवरी-मार्च के दौरान यदि किसान बाग की समय पर देखभाल कर लें तो उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। इस अवधि में मौसम में बदलाव के कारण कीट व रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे बौर और फलन प्रभावित होने की आशंका रहती है। रविवार को किसान गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए प्रसार्ड ट्रस्ट मल्हनी के निदेशक प्रो. रवि प्रकाश मौर्य ने कहा। उन्होंने बताया कि बौर निकलते समय आम के बागों में पाउडरी मिल्ड्यू (खर्रा/दहिया), गुझिया कीट, भुनगा, पुष्पगुच्छ मिज और बौर झुलसा रोग का खतरा सबसे अधिक रहता है। ऐसे में किसानों को बाग की नियमित निगरानी कर समय रहते उचित प्रबंधन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि खर्रा रोग एक फफूंदजनित रोग है, जिसके लक्ष...
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