हल्द्वानी, फरवरी 4 -- हल्द्वानी, दीक्षा बिष्ट लमगड़िया। पेंशन और पदोन्नति जैसे जरूरी हक नहीं मिलने से राज्य कर्मचारियों में गुस्सा है। उनका कहना है कि किसी कर्मचारी की 10 साल नौकरी हो गई तो किसी ने 15 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इसके बाद भी कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर परेशान हैं। बीमार होने पर भी सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यही नहीं 60 साल तक नौकरी करने के बाद भी उनको पुरानी पेंशन के हक से दूर रखा जा रहा है। वर्कचार्ज कर्मचारियों की पीड़ा इससे भी ज्यादा गंभीर है। उन्होंने सरकार पर पेंशन के नाम पर दो साल से गुमराह करने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों के परिवार वाले भी सरकार की बेरुखी से परेशान हैं। उनका कहना है कि कर्मचारी जैसे लोकहित में 24 घंटे काम करते हैं, हमेशा लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करते है। ठ...