हल्द्वानी, अगस्त 12 -- हल्द्वानी। मामूली मानदेय में काम करने वाली आशा कार्यकर्ताओं से जहां कई काम लिए जाते हैं वहीं सुविधाओं के नाम पर न्यूनतम मानक भी पूरे नहीं किए जाते हैं। आशा कार्यकर्ताओं को निर्वाचन आयोग की ओर से बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) नियुक्त किया गया। इसके बाद बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें सूची जारी कर हटा दिया गया। आरोप है कि डेढ़ साल से उन्हें मानदेय तक नहीं दिया गया है, जबकि उन्होंने सभी स्तर के चुनावों में जिम्मेदारी निभाई। चुनाव के दौरान उन्हें किसी तरह की सुविधा, यात्रा भत्ता या किराया नहीं दिया गया। इतनी मेहनत के बाद भी उन्हें सालभर का मानदेय मात्र छह हजार रुपये दिया जाता था। जो कि सालभर फील्ड में होने वाले खर्च से कम है। वेतन बढ़ाने की जानकारी मिलने के बाद अचानक उन्हें कार्य से हटा दिया गया। बीएलओ पद से हटाए जाने के बाद उ...