हरदोई, फरवरी 18 -- हरदोई। पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब। इसी राह पर हरदोई के बच्चे भी चल रहे हैं, पर कई दुश्वारियां उनके भविष्य में बाधाएं उत्पन्न कर रही हैं। 15 हजार छात्र-छात्राएं 8-10 किमी का सफर कर कोचिंग सेंटर जा रहे हैं। छात्राओं को रास्ते में शोहदों की छींटाकशी और अराजकता झेलनी पड़ती है। हॉस्टल हैं नहीं इसलिए मनमाना किराया वसूला जाता है। बिजली कटौती पढ़ने नहीं देती। महंगी कोचिंग फीस, परीक्षा देने के लिए जाना है तो बस में किराया दो। हॉस्टल हैं नहीं इसलिए किराए पर महंगा कमरा लो। कोचिंग सेंटर जाने के दौरान छात्राएं शोहदों का सामना करती हैं। शिकायत करें तो किससे। संस्थानों में शिकायतों के लिए पिंक बॉक्स की मांग होती है पर कोई सुनता नहीं है। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान से छात्रा अनीता रावत ने अपनी दिक्कतें साझा कीं। उसका कहना है जब हॉस्टल म...
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