हरदोई, फरवरी 26 -- हरदोई। मंदिरों की सजावट हो या शादी-समारोह या अन्य कार्यक्रम, इसमें फूलों की खुशबू अलग ही रंग बिखेरती है। गेंदा, गुलाब, चमेली जैसे फूल खूबसूरती के साथ ही मन को भी मोहते हैं। इतना सब होने के बावजूद फूल दुकानदारों को दो जून की रोटी बमुश्किल मिल पा रही है। उनका कहना है कि तीज-त्योहार और सहालग में तो ठीकठाक कमाई हो जाती है पर गर्मी-सर्दी और बारिश में स्थिति विपरीत हो जाती है। कई-कई दिनों तक बिक्री नहीं होती है। घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता है। सरकारी स्तर से कोई मदद नहीं मिलती। जहां फूलों की बिक्री होती है वहां उन्हें सुरक्षित रखने के बेहतर इन्तजाम नहीं हैं। सरकार की ओर से लाभकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिलता। इस वजह से व्यापार चलाना कठिन हो गया है। जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। घरों से लेकर धार्मिक स्थलों...
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