हजारीबाग, मार्च 3 -- हजारीबाग। अमर/अनुज संवेदक संघ की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक यह है कि 50 लाख तक के टेंडर को मैन्युअल करने की मांग की गई है। ऑनलाइन टेंडर रहने से बाहर के ठेकेदार टेंडर को भर देते हैं और लोकल ठेकेदार बेरोजगारी की स्थिति में आ जाते है। ऐसे में लोकल ठेकेदारों को छोटे टेंडर में भाग लेने के लिए मैन्युअल कर देना चाहिए। संवेदक संघ के लोगों ने बताया कि एनजीटी लागू करने से सभी मद से हो रहे काम में 4 महीना की देरी हो गई है। देर होने से संवेदक संघ को रॉयल्टी जमा करना पड़ता है पेनाल्टी के साथ। जबकि इसमें ठेकेदारों की कोई गलती नहीं है। साथ ही काम के दौरान विभाग द्वारा पैसा रिलीज नहीं किया जाता है इससे भी काम में देरी होती है और भुगतना संवेदक संघ के लोगों को पड़ता है। काम में देरी होने से ठेकेदारों का 10% काट लिया जाता है। उन लोगों ने...
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