हजारीबाग, जनवरी 13 -- हजारीबाग कभी ऊर्जा और उत्पादन का मजबूत केंद्र रहा है, लेकिन आज वही जिला अंधेरे से जूझ रहा है। देश के कई राज्यों को कोयला देने वाला हजारीबाग अब खुद गंभीर बिजली संकट की चपेट में है। हालात ऐसे हैं कि बिजली कितनी देर टिकेगी, यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है। अनियमित कटौती से छात्रों की पढ़ाई, लॉज में रहने वाले परीक्षार्थी, डेमोटांड़-बरही के उद्योग, दर्जी और बेकरी व्यवसाय प्रभावित हैं। हिन्दुस्तान के बोले हजारीबाग में लोगों ने नियमित बिजली आपूर्ति की मांग उठाई। कहा कि अनियमित आपूर्ति से कई आवश्यक काम भी प्रभावित हो रहा है। हजारीबाग। हजारीबाग, चतरा और कोडरमा जिलों में 9 जनवरी से बिजली संकट गहरा गया है। कोडरमा थर्मल पावर प्लांट (केटीपीएस) के 400 एमवीए क्षमता के दोनों ट्रांसफॉर्मर खराब हो जाने के कारण दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) न...