हजारीबाग, सितम्बर 7 -- हजारीबाग में दुर्गा पूजा तैयारी जोरों पर है। कुम्हारटोली में करीब पांच हजार कुम्हार परिवार माता दुर्गा की भव्य मूर्तियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। लेकिन इस भक्ति और परंपरा के बीच उनकी चिंताएं भी उतनी ही गहरी हैं। महंगे कच्चे माल की मार, आधुनिक फाइबर मूर्तियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और रोजगार की अनिश्चितता ने उनकी जिंदगी को कठिन बना दिया है। यही कारण है कि नई पीढ़ी धीरे-धीरे इस परंपरा से दूरी बनाने लगी है। हिन्दुस्तान के बोले हजारीबाग कार्यक्रम में इन कलाकारों ने अपनी व्यथा साझा करते हुए प्रशासन से सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। हजारीबाग । दुर्गा पूजा की आहट मिलते ही हजारीबाग का माहौल भक्तिमय हो गया है। पंडालों में सजावट का काम तेज हो चला है और मूर्तिकार अपनी कला की अंतिम तैयारी में जुटे हैं। मिट्टी, पुआ...
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