हजारीबाग, जुलाई 13 -- हजारीबाग का प्रसिद्ध झील परिसर अब सुकून का नहीं, असुरक्षा का पर्याय बनता जा रहा है। जहां कभी लोग सुबह-शाम सैर के लिए आते थे, वहां अब शाम ढलते ही नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का डेरा जम जाता है। परिसर की लगभग आधी स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं, जिससे अंधेरे का फायदा उठाकर आपराधिक गतिविधियां पनप रही हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि महज एक जगह पर लगे सीसीटीवी कैमरे इस पूरे इलाके की निगरानी के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं। बोले हजारीबाग की टीम से लोगों ने अपनी व्यथा साझा की। हजारीबाग। हजारीबाग शहर के झील परिसर में में शाम ढलते ही असामाजिक तत्वों की सक्रियता बढ़ जाती है। वहीं शहर के मुख चौक-चौराहों, जैसे झंडा चौक, इंद्रपुरी चौक, अन्नदा चौक, झील रोड, रामनगर, करा, लाखे और सुंदरी मार्केट जैसे इलाकों में खासकर शाम के समय चोर-उचक्क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.